जिंदगी की बातों पर खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल | Khubsurat Baatein Gazal

  

जिन्दगी के दो पहलू होते है एक अच्छा और एक बुरा। जिन्दगी को अगर हम सही नज़रिए से देखे तो जिंदगी अच्छी है, और गलत नज़रिए से देखे तो जिंदगी दुख, दर्द और मुश्किलों से भरी है। कहीं परिवार में बातें हैं ,कहीं दोस्तों के बीच बातें हैं, कहीं इंसान प्यार में बातों को लेकर फंसा हुआ है। हर तरफ बातें ही बातें हैं जो हमें अपनों के साथ जोड़ती भी है और तोड़ती भी हैं। जिंदगी के रिश्तो के बीच बुनी बातों को हमने जिंदगी की बातों पर खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल | Khubsurat Baatein Gazal  में उतारा है। आशा है आप इससे जुड़ाव महसूस करेंगे 


जिंदगी की बातों पर खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल  


Khubsurat Baatein Gazal


बात करना बंद



बातों पर खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल by shayari Metro | Baton Per Khubsurat Hindi Gazal | Baat Karna Band Ghazal by Anupriya



जिंदगी की बातों पर खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल  


Khubsurat Baatein Gazal| Sad Gazal



वो खुदा हैं भाई, गलतियां लाख करें
गर खता हो हमसे अमूमन, फिर बात करना बंद


वक्त की टहनियों से उनके कुछ लम्हे मांगे थे
हम मशरूफ हो आदतन, तो फिर बात करना बंद


तबाह हो जाती है उम्र सारी बस एक फूल चुनने में
संग कांटे लगे दामन, फिर बात करना बंद


वो करे दिखावा तो सब सही-सही
हमारी सच्ची सुथरी आदतन, तो बात करना बंद


फलक पर चांद-तारे भला क्या खाक चमकेंगे
सुलगने लगे हैं घर-आंगन, और बात करना बंद


तहरीरें नहीं मिटेगी अनु इन दीवार-ओ-दरों की
वो भी गवाह हैं अभागन, कि अब बात करना बंद
                                                .....अनु-प्रिया 

                                      
Zindagi ki Baton per khubsurat Hindi Gazal

 खूबसूरत बातें गजल

Baat Karna Band


vo khuda hain bhai, galatiyan lakh karen
gar khata ho hamse amuuman, phir baat karana band



Waqt ki ṭahaniyon se unke kuch lamhe maange the
hum mashruf ho aadatan, to phir baat karana band



tabah ho jaati hai umar saari bas ek phuul chunane me
sang kaanṭe lage daaman, phir baat karana band


vo kare dikhaava to sab sahi-sahi
hamari sachchi suthari aadatan, to baat karana band



phalak par chaand-taare bhala kya khaak chamakenge
sulagane lage hain ghar-aangan, aur baat karana band


tahariiren nahin miṭegi anu in deevaar-o-daron ki
wo bhi gavaah hain abhaagan, ki ab baat karana band
                    
                                     ......Anu-priya

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 दर्द भरी हिंदी गजल

Emotional Sad Hindi Ghazal


जिंदगी पर दर्द भरी हिंदी ग़ज़ल | कोई पढ़ता नहीं है | Very Emotional Sad Ghazal on zindagi in Hindiu


Sad Gazal-

कोई पढ़ता नहीं है


किस्से बहुत छप चुके हैं हमारे
मगर जिंदगी कोई पढ़ता नहीं है

चिराग पकड़े खड़े सब दुपहरी
अंधेरे दिया कोई पकड़ता नहीं है

मिटती-बिगड़ती तो देखी लकीरें
किस्मत का तारा चमकता नहीं है

रुसवाईयों की हमको आदत बहुत है
मुफलिसी में भी आंसू बरसता नहीं है

बनके लहू उतर जाते हैं अश्क यों
कि खंजर भी जितना उतरता नहीं है

रख फूंक के पैर, किस्मत के मारों
देखकर भी कोई क्यों समझता नहीं है।

कर लो मियां मनमर्जियां अपनी-अपनी
ये शायर भी यूं ही ठहरता नहीं है।

लहर जाता है किस्सा अंदर का अक्सर
साला दर्द भी तो तन्हा बिखरता नहीं है

किसको सुनाओगे फिर आप बीती
फैसला हक में तेरे कोई पढ़ता नहीं है

किस्से बहुत छप चुके हैं अनु के
मगर जिंदगी कोई पढ़ता नहीं है।।

                                 ........'अनु-प्रिया'


दर्द भरी हिंदी ग़ज़ल | कोई पढ़ता नहीं है | Very Emotional Sad Ghazal in Hindi written by Anupriya



Dard Bhari Hindi Gazal/

Sad Hindi Gazal

Koi padta nahi hai

kisse bahut chhap chuke hain hamare
magar jindagi koii padhata nahin hai


chiraag pakade khade sab dupahari
andhere diya koi pakadata nahin hai


miṭti-bigadati to dekhi lakiiren
kismat ka taara chamakata nahin hai


rusvaiiyon ki hamako aadat bahut hai
muphalisii men bhi aansu barasata nahin hai


banke lahu utar jaate hain ashk yun
ki khanjar bhi jitna utarata nahin hai


rakh phuunk ke pair, kismat ke maaron
dekhkar bhi koi kyon samajhata nahin hai.


kar lo miyaan manmarjiyan apni-apni
ye shaayar bhi yun hii ṭhaharata nahin hai.


lahar jaata hai kissa andar ka aksar
sala dard bhi to tanha bikharata nahin hai


kisko sunaoge phir aap biti
Faisala  hak me tere koi padhata  nahin hai


kisse bahut chhap chuke hain anu ke
magar jindagi koi padhata nahin hai..
                      
                                      ....... 'Anu-priya'

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जिंदगी की बातों पर खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल 

 Khubsurat Baatein Gazal

         

दोस्ती पर खूबसूरत कविता/गजल

ऐसे यार से लगते हो

"कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीति
विपति कसौटी जे कसे, तेई सांचे मीत।"
केवल मित्रता कर लेने से ही कोई मित्र नहीं हो जाता। सुख-दुख में समान व्यवहार करने वाला ही सच्चे मित्र धर्म की कसौटी पर खरा उतरता है। भगवान श्री कृष्ण और दीन सुदामा की निश्छल और कपट रहित मित्रता को हमेशा स्मरण किया जाता रहेगा। जीवन में अच्छे मित्र का होना किसी वरदान से कम नहीं। हमारी यह गजल दो मित्रों की भावना,आपसी प्रेम और मीठी नोकझोंक पर आधारित है। मित्रता में शुभचिंतक होते हुए भी कभी-कभी हम एक-दूसरे के आलोचक भी बन जाते हैं। कभी एक का नजरअंदाज करना दूसरे के लिए असहज हो जाता है तो कभी दोस्ती के बीच में किसी और का आ जाना भी बहुत अखरता है। हमें विश्वास है कि यह गजल दोस्ती के खट्टे-मीठे प्रसंगो से आपके दिल को अवश्य छू लेगी।




दोस्ती पर खूबसूरत हिंदी गजल | Beautiful Ghazal on friendship in Hindi written by Anupriya

दोस्ती पर खूबसूरत गजल



अरे बरखुरदार ! थोड़े बीमार से लगते हो,
अधूरी कहानी का कोई अधूरा किरदार से लगते हो।

माना कि गुलशन नहीं है किसी की भी जिंदगानी यहां।
खफा-खफा से चुभते खर-पतवार से लगते हो।।

जमघट लगा करती थी जो चौखट तेरी मोहब्बत से भरी।
उस भीड़-भाड़ से जुदा यार बड़े खुद्दार से लगते हो।।

गरजते हैं उलझते हैं जज्बात मेरे अंदर जानने को।
कभी मासूम, कभी परेशां, कभी गुनहगार से लगते हो।।

तेरा मौन बिन कहे ही कर रहा है बेगाना मुझे।
अरे क्यों नहीं बताते कि किस इंतजार में लगते हो।।

तमाशाबीन बन देखते रह गए रुसवाईयों को तेरे।
अपनी गलियों से रिश्ते तोड़ने तक को तलबगार से लगते हो।।

आज मौन है तू ,भारी दिल का कोना मेरा भी।
शब्द खामोश ऐसे कि कारागार मे हो, से लगते हो।‌

मुमकिन है तेरे दर्द की लौ को बुझा पाना मेरे लिए
पर खुद ही अपने अहं को हवा देते किसी अंगार से लगते हो।।


छोड़ अपनों को जो चले हो गैरों को रोशन करने की फिराक में,
रौब जमाना उन पर यूं ही,जिनके लिए बेकरार से लगते हो।।

यकीं है अनु को तेरे भीतर एक दिन शोर बरपेगा
अफसाने होंगे लबों पे अपनी दोस्ती के, ऐसे दिलदार से लगते हो।।
ऐसे यार से लगते हो
ऐसे यार से लगते हो।


                                    ..........'अनु-प्रिया'

Beautiful Poem| Poetry| Ghazal on Friendship

Aise yaar se lagte Ho


arre barakhuradaar ! thode bimaar se lagate ho,
adhuri kahani ka koi adhura kirdaar se lagate ho.

maanaa ki gulashan nahiin hai kisii kii bhii jindagaanii yahaan.
khaphaa-khaphaa se chubhate khar-patavaar se lagate ho..

jamaghaṭ lagaa karatii thii jo chowkhaṭ terii mohabbat se bharii.
us bhiid-bhaad se judaa yaar bade khuddaar se lagate ho..

garajate hain ulajhate hain jajbaat mere andar jaanne ko.
kabhi mausum, kabhi pareshan, kabhi gunahgaar se lagate ho..

tera maun bin kahe hi kar raha hai begana mujhe.
are kyon nahin bataate ki kis intajaar me lagate ho..

tamashabiin ban dekhate rah gaye rusvaiyon ko tere.
apani galiyon se rishte todane tak ko talabagaar se lagate ho..

aaj maun hai tu ,bhari dil ka kona mera bhi.
shabd khaamosh aise ki karagaar me ho, se lagate ho.‌

mumkin hai tere dard kii lau ko bujhaa pana mere liye
par khud hi apne aham ko hava dete kisi angaar se lagate ho..


chhod apanon ko jo chale ho gairon ko roshan karane kii phiraak me,
raub jamana un par yun hi,jinake liye bekraar se lagate ho..

yakiin hai anu ko tere bhitar ek din shor barapega
aphasane honge labon pe apani dosti  ke, aise dildaar se lagate ho..
aise yaar se lagate ho.
aise yaar se lagate ho.


                                    ..........'anu-priya'

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