- •महफिल शायरी: दिल को छू जाने वाली बेहतरीन शायरी | Best Mehfil Shayari
- •महफिल की रंगीन रातें: शायरी का संगम | Colorful Nights of Mehfil: Shayari Collection
- •दोस्ती और महफिल: दिल से दिल की बातें | Friendship and Mehfil: Heart-to-Heart Shayari
- •प्यार और महफिल शायरी: मोहब्बत का इज़हार | Love and Mehfil Shayari: Expressions of Love
- •खूबसूरत महफिल शायरी स्टेटस | Beautiful Mehfil Shayari Status
- •महफिल में सुनाई जाने वाली रोमांटिक शायरी | Romantic Shayari for Mehfil |
- •प्यार भरी महफिल शायरी | Love-filled Mehfil Shayari
- •महफिल शायरी के अनमोल खजाने | Priceless Treasures of Mehfil Shayari


पलकों पर कितनों के ही अश्क रह जाता हैभूले हुए अफसानों में भी जब इश्क रह जाता है
महफिल शायरी: दिल को छू जाने वाली बेहतरीन शायरी | Best Mehfil Shayari

संदूकों में खतों के खजाने हुआ करते थेपुराने यारों के नाम, पता, तराने हुआ करते थेवह बहारों भरी हंसी अब नहीं मिलतीजिन्हें पाने के लिए नए नए बहाने हुआ करते थे

महफिलों से कटे-कटे से रहते हैंतन्हाइयों से मोहब्बत सी हो गई हैखुद में ही खोए हुए रहते हैंखामोशियों की जैसे आदत सी हो गई है

तेरी दीवानगी का आलम क्या कहे साहिबतेरी परछाई तक भी मुझको ढूंढा करती है

मेहंदी भरे हाथों से अपना सच छुपाती हैंकल तक इश्क छुपाती थी, आज अश्क छुपाती हैंभरी महफिल कहीं रुसवा ना हो जाए, इस डर सेजिसको भी मिलती हैं, अपनी आंखों को खुश्क बताती हैं

भांप लेंगे हर वह इशारा आज भी भरी महफिल में
जो कयामत ढाया करते थे मेरे दिल पर कभी
कुछ हमारी शख्सियत काबिले तारीफ थी
मेरा दूर जाना कभी, तेरा रूठ जाना कभी
महफिल की रंगीन रातें: शायरी का संगम | Colorful Nights of Mehfil: Shayari Collection

नहीं भाता है हमको आजकल की महफिलों में जानाहमको तो वही पुराना वाला जमावड़ा पसंद है

गली-गली सजी है, आने की खुशी में तेरीकली कली खिली है, आने की खुशी में तेरीबहारे कब तलक ढूंढेंगी, तेरे खोए हुए दिल कोपगली मुझसे आ मिली है, आने की खुशी में तेरी

मेरा हमराज मेरे दर्द की कहानी पूछता हैवह बेदर्द मेरे इश्क की कहानी पूछता हैजानते हुए भी मेरे दिल में छुपे जख्मों कोसरेआम मुझसे मेरे अश्क की रवानी पूछता है

नज्में कहते, गजलें कहते
बस तुमको पढ़ते रहते हैं
अभिलाषा तुमको पाने के
मन भाव उमड़ते रहते हैं
महफिल हो, चाहे सूनापन
बस तुमको गाया करते हैं
संजो के तुमको गीतों में
बस नयन भिगोया करते हैं
दोस्ती और महफिल: दिल से दिल की बातें | Friendship and Mehfil: Heart-to-Heart Shayari

चांद का दर्द, सितारे क्या समझेंगेभीड़ में भी तनहा है, बेचारे क्या समझेंगेचाहत किसी-किसी से ही होती है जिंदगी मेंबंजारे की तलाश को, अंगारे क्या समझेंगे

महफिलों में तारीफें, वाहवाही बहुत हैनजर में ना आए, वह नजारा बहुत हैहम जैसे लोगों के लिए नहीं बनी यहजो समझ जाए, उसके लिए इशारा बहुत है

भरी महफिल यह बात सरेआम होने लगी है
वह अपना चेहरा अश्कों से धोने लगी हैं
कभी बहुत गहरे जख्म उसने हमें दिए थे
पछताकर अपने आप ही वो रोने लगी हैं

महफिल में शामिल होने का यारों दस्तूर यही है….चेहरे पर लगा हो मुखौटा खुशी काऔर दिखाओ ऐसे, जैसे कि दिल में कोई जख्म, कोई नासूर नहीं है….

यारों ने बीती रात एक बात उखाड़ लीजिक्र उसका चला महफिल मेंजिसने हमारी पूरी दुनिया उजाड़ दी
प्यार और महफिल शायरी: मोहब्बत का इज़हार | Love and Mehfil Shayari: Expressions of Love

तुम्हारा ख्याल कर ग़ज़ल बना लेंगेयाद कर तुम्हें आंखों को सजल बना लेंगेसब कुछ तो गिरवी है जाना तेरी मोहब्बत मेंभरी महफिल तेरे साथ सपनों का महल बना लेंगे

कल भरी महफिल में कत्लेआम होने ही वाला थाशुक्र है कि वह नहीं आया जो बन संवर के आने वाला था

हमारी याद, हमारे कहे लफ्ज़
बहुत काम आएंगे
हमारे जाने के बाद
तुम्हारी महफ़िल में काम आएंगे

महफिल में तुम ही अकेले नहीं होहर दूसरा शख्स टूटा हुआ मिलेगाचर्चे होंगे बड़े जोर शोर से औरों के परभीतर के सन्नाटे से सब कुछ छूटा हुआ मिलेगा
खूबसूरत महफिल शायरी स्टेटस | Beautiful Mehfil Shayari Status

मेरी ख्वाहिशों को पंख तो लगने दोनई उड़ान भरके दिखाएंगे बहुत दूर तकमहफिलों में अब तक बहुत बेजान से थे हमकरिश्मा सरेआम करके दिखाएंगे बहुत दूर तक

आंखें तलाशती रहती हैं जिनको भरी महफिल मेंवह हमें देखकर ही आंख फेर लेते हैंचाहते हैं कि कुछ गुफ्तगू करें उनसेवह मशगूल होके यारों में ही, जलवे बिखेर लेते हैं

पत्ता-पत्ता आज हरा होता नजर आयाखोटा सिक्का खरा होता नजर आयाकई शेर उठे, कई नज्म चलीकुछ गीत सजे, कोई ग़ज़ल जलीजिंदादिली रगों में इतनीकोई जिंदा न कोई मरा होता नजर आयापत्ता-पत्ता……….सावन बरसे तो दोहा बनकरबादल घुमड़े तो बन कव्वालीहरियाली तनों में इतनीकोई जवां न कोई जऱा होता नजर आयापत्ता-पत्ता……….दिल का खाली कोना-कोना रोयाआंखों ने मन की सब कह डालीगरबीली सुरों में इतनीआसमां भी पूरा धरा होता नजर आयापत्ता-पत्ता………….दर्द को गाने वाले फूटेहोठों से फूटी कंटियालीकोमली उरों में इतनीखाली जर्रा-जर्रा भरा होता नजर आयापत्ता-पत्ता…………पत्ता-पत्ता आज हरा होता नजर आयाखोटा सिक्का खरा होता नजर आया।। ……. ‘अनु-प्रिया’

महफ़िल में तुझे देख कर दिल को सुकून मिलता है,हर नज़र तुझसे मिल कर दिल में बस प्यार खिलता है।
जब तू मुस्कुराती है,महफ़िल मेंबस तू ही समाती है, दिल की हर ख्वाहिश में jab tu muskuraati hai,Mehfil mein bas tu hi samaati hai,Dil ki har khwahish mein
महफ़िल में तेरे साथ गुज़रे जो लम्हे हैं,दिल की किताब में आज भी वो पन्ने सुनहरे हैं।
महफिल में सुनाई जाने वाली रोमांटिक शायरी | Romantic Shayari for Mehfil |
महफ़िल में तेरी यादें सजाए बैठे हैं,दिल के हर कोने में बस तुझे ही बसाए बैठे हैं।
महफ़िल में तेरी हसीन मुस्कान का असर,दिल की हर धड़कन ने बस तुझे ही पुकारा।
महफ़िल में तेरे साथ की जो बात होती है,दिल की हर धड़कन में बस प्यार की शुरुआत होती है।
महफ़िल में जब तेरा नाम लिया जाता है,दिल की हर दीवार पर इश्क़ लिखा जाता है।
महफ़िल में तेरी नज़रों से जो इश्क़ बरसता है,दिल की हर चाहत में बस तेरा ही नक्शा बसता है।
महफ़िल में तेरा नाम जब जुबां से निकलता है,दिल का हर कोना बस इश्क़ में पिघलता है।
दिल की बातें अक्सर लफ्जों में नहीं आतीं,
एहसास होते हैं भरी महफिल, वो जुबां पर नहीं आते।
Ehsaas hote hain bhari mahfil, woh zubaan par nahi aate।
महफ़िल में तेरे बिना कोई रंग-तरंग नहीं ,तेरे आने से हर लफ्ज़ का असर गहरा होता है।
महफ़िल में जब तेरी ख़ुशबू बिखरती है,दिल की हर धड़कन बस तेरे नाम पर ठहरती है।
जानती हूं भरी महफिल भी तू मेरी फिक्र करता हैसुन रखा है चोरी छुपे मेरा ही सबसे जिक्र करता है।
महफ़िल में जब भी किसी की यादें छिड़ती हैं,दिल के बंद दरवाजे में छुपे दर्द उधड़ने लगते हैं।
महफ़िल में जब कोई अनसुना शेर सुनाया जाता है,दिल के तार एक नई धुन में बजने लगते हैं।
किस्सों की महक उठती है, नया रंग चढ़ता है
मंजिलें छू लेती है वह महफिल, जब कोई नया सफर पकड़ता है
सन्नाटे गूंज उठते हैं, उजाले बिखर जाते हैं केवल तुम्हारे वाह-वाह कहने से ही हम निखर जाते हैं
महफ़िल में जब भी शायरी का रंग बिखरता है,दिल की हर गहराई में मोहब्बत का फूल खिलता है।
प्यार भरी महफिल शायरी | Love-filled Mehfil Shayari
महफ़िल में तेरा नाम जब किसी ने लिया,दिल ने हर धड़कन में तेरा एहसास जिया।
शेरों के बीच बैठा हूँ,दर्द के जाम पीता हूँ,महफ़िल की रौनक हूँ,अश्कों को छुपा कर जीता हूँ।
चाँदनी रात हो या तन्हा सवेरा,महफ़िल में दिल का सुकून सिर्फ़ तुझसे है मेरा।
महफ़िल में बस एक दिल की बात कही,सबकी नज़रें झुक गईं, दिल से वाह वाह हुई।
महफ़िल सजी है आज फिर एक बार,हम भी हैं तैयार, दिल के ज़ख़्मों से बेपरवाह।
महफ़िल में बैठे हैं यूँ खामोश से,लफ्ज़ों में बयां कर दी हमने दिल की फितरत।
महफ़िल में सजीं हैं ख्वाबों की कहानियाँ,दिल की गहराइयों से निकलीं हैं ये नादानियाँ।
महफ़िल की रौनक है हर एक शेर,दिल के जज़्बातों में क्या देर-सवेर
महफ़िल में जब से आपने कदम रखा है,दिल की हर धड़कन ने नया सुर पकड़ा है।
तेरे बिना ये दिल उदास रहता है,
जैसे बिन मौसम के फिजा उदास रहती है।
Jaise bin mausam ke fizaa udaas rehti hai।
महफिल शायरी के अनमोल खजाने | Priceless Treasures of Mehfil Shayari
महफ़िल में लफ़्ज़ों का जादू बिखरता है,दिल को छू जाता है, हर शेर सँवरता है।Mehfil mein lafzon ka jadoo bikharata hai,Har dil ko choo jata hai, har sher sanwartaa hai.महफ़िल में बैठे हैं यूँ हँसी ओढ़कर,दर्द की चुप्पी को हमने बातों में बाँध रखा है।
महफ़िल में यूँ ही गुमसुम सा बैठा हूँ,अपनी ही बातों में कहीं खोया हुआ सा हूँ।
महफ़िल में तन्हाई की भीड़ मिली,पर शेरों ने फिर से रूह को छू लिया।Mehfil mein tanhai ki bhi bheed mili,Par sheron ne phir se rooh ko choo liya.
महफ़िल की शान ये ग़ज़लें हैं,दिल का हाल बयां करने का ये ही तो हौसला है।Mehfil ki shaan ye ghazlen hain,Dil ka haal bayan karne ka ye hi toh hausla hai.
तेरे बिना महफिल में भी ये दिल वीरान सा है,
जैसे बिन फूल के बगीचा वीरान सा है।
Jaise bin phool ke bagicha veeran sa hai।
महफ़िल की रौनक बढ़ाने आए हैं,कुछ अश्कों को हँसी में छुपाने आए हैं।
दिल की हर धड़कन में तेरा नाम है,
जो हर पल यादों में समाया है।
Jo har pal yaadon mein samaaya hai।
महफिल की रौनक बनकर जीना सीख लिया गम को छुपा कर हंसी का चेहरा ओढ़ लिया कौन समझेगा यहां किसी की सच्ची तन्हाई यहां हर किसी ने खुशियों का मुखौटा पहन लिय
Mahfil Ki Raunak Bankar jina Sikh liya,gam ko chhupa kar Hansi ka chehra odh liya, Kaun samjhega yahan kisi Ki sacchi tanhaiYahan har kisi ne khusiyon ka mukhota pahan liya
महफिल में हर तरफ तेरा ही चेहरा है,
तेरा मेरा नाता ये कितना गहरा है
तेरे बिना ये महफिल वीरान सी है,
जैसे बिन चाँद के रात वीरान सी है।
Jaise bin chaand ke raat veeran si hai।
भरी महफिल तेरी एक झलक,
दिल को सुकून दे जाती है।
Dil ko sukoon de jaati hai।
दिल की हर धड़कन में तेरा नाम समाया है,
कि महफिल में भी बार-बार तू याद आया है