ShayariMetro Logo
Legacy Posts

Latest Poem On Subhash Chandra Bose | Best सुभाष चंद्र बोस पर कविता 2026

By ShayariMetroPublished: 20 जनवरी 2023Updated: 8 दिसंबर 2025

Latest Poem on Subhash Chandra Bose | Best सुभाष चंद्र बोस पर कविता 2026 भारत के वीर स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस, जिन्होंने अपनी आजाद हिंद फौज के माध्यम से अंग्रेजों के साम्राज्य को हिला दिया, उनके जन्मदिवस को केंद्र सरकार ने 23 जनवरी को प्रतिवर्ष पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है। सुभाष चंद्र बोस ने अपना तन, मन और धन सब कुछ भारत माता की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया। उनका यह अदम्य साहस और पराक्रम हर भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है।

पराक्रम दिवस के रूप में उनका जन्मदिवस मनाना, हम सभी भारतीयों की तरफ से उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। इस विशेष अवसर पर सुभाष चंद्र बोस के अद्वितीय पराक्रम और प्रेरणादायक जीवन पर आधारित कुछ कविताएं प्रस्तुत की गई हैं, जिन्हें पढ़कर आप भारतीय होने पर गर्व का अनुभव करेंगे।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर कविता

Netaji Subhash Chandra Bose per Kavita 2023-24 by shayariMetro| नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर कविता-Anupriya

स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक सुभाष चंद्र बोस जी का नाम विश्व के इतिहास में आज भी स्वर्णाक्षरों से अंकित है। ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’के बीज मंत्र को नौजवानों में फूंकने वाले इस बलिदानी का जन्म 23 जनवरी,1897 को कटक के प्रसिद्ध वकील जानकीनाथ और प्रभावती के यहां हुआ था।

फिरंगियों को भारत से खदेड़ने और भारत को स्वतंत्रता दिलाने का आत्म संकल्प लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में 5 जुलाई 1943 को ‘आजाद हिंद फौज’ का गठन किया। उनका ‘जयहिंद’ का नारा तो देश के बच्चे- बच्चे की जुबान पर आ गया परंतु स्वतंत्र भारत की अमरता का जयघोष करने वाला भारत माता का यह सूरज एक विमान दुर्घटना में सदा-सदा के लिए अस्त हो गया परंतु उनके राष्ट्रप्रेम की दिव्य ज्योति हम भारतीयों के मन में युग-युगांतर तक जलती रहेगी।

वीर सुभाष की टोली

मोटी खाकी तन पर डाल वीर सुभाष की टोली तरुण रक्त से लिख संदेश नया जोश भर बोली‌ ।

हमें कसम है मातृभूमि की दृढ़ प्रतिज्ञ रहेंगे अंग्रेजों की नौकरशाही हरगिज हम न सहेंगे ‘जय हिंद’ की अमर गूंज से गली-गली भर डोली तरुण रक्त से लिख संदेश नेता सुभाष की टोली ।

‘खून के बदले आजादी’ महामंत्र यह अपना गरजे जब स्वर में सुभाष हर आंख पले एक सपना कंठ-कंठ में उद्घोषों की नित नई चलती गोली तरुण रक्त से लिख संदेश युवा सुभाष की टोली ।

आजादी का भर हुंकार नया विश्वास जगाया ‘दिल्ली चलो’ के बीजमंत्र से नया इतिहास बनाया आजादी के चरणों में डाली अपनी ईद दीवाली होली तरुण रक्त से लिख संदेश फौजी सुभाष की टोली ।

चाटुकारिता का शिकार कतई हम नहीं बनेंगे अंग्रेजों की भेड़ चाल से भला हम क्या शेर डरेंगे लिपटा हो बस कफन तिरंगा सजे माथ विजय की रोली तरुण रक्त से लिख संदेश मेरे सुभाष की टोली ।।

moṭi khaaki tan par ḍaalveer subhaash ki ṭolitaruṇ rakt se likh sandeshnaya josh bhar boli‌ .

hamen kasam hai matrabhumi kiDradh pratigya rahengeangrejon ki naukarshahihargij hum nahi sahenge‘jay hind’ ki amar guunj segali-gali bhar ḍolitaruṇ rakt se likh sandeshneta subhaash ki ṭoli .

‘khoon ke badale aajaadi’mahalamantr yah apnagaraje jab swar me subhaashhar aankh pale ek sapanakanṭh-kanṭh me udghoshon kinit nayi chalati golitaruṇ rakt se likh sandeshyuva subhaash ki ṭoli .

aajaadi ka bhar hunkaarnaya vishwaas jagaya‘delhi chalo’ ke beezmantr senaya itihaas banayaaajaadi ke charaṇon me ḍaaliapni id diwali holitaruṇ rakt se likh sandeshfauzi subhash ki ṭoli .

chaaṭukaarita ka shikaarkataii ham nahin banengeangrejon kii bhed chaal sebhala hum kya sher ḍarengelipaṭa ho bas kaphan tirangasaje maath vijay kii rolitaruṇ rakt se likh sandeshmere subhaash ki ṭoli ..

सुभाष चंद्र बोस पर हिंदी कविता बच्चों के लिए हिंदी कविता best poem on Subhash Chandra Bose by shayari Metro Anupriya

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जब मृत्यु हुई तो उस समय ये मात्र 48 वर्ष के थे। वह एक महान राष्ट्रवादी नेता थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन की नीतियों के खिलाफ जाकर भारत को स्वतंत्रता दिलाने हेतु अपनी नई रणनीतियां बनाई। वे गांधीजी के अहिंसावादी विचारों से सहमत नहीं थे। नेताजी 1920 और 1930 के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के युवा नेता भी रहे। परंतु बाद में इन्होंने क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी के रूप में बलिदान देकर भारत की अमरता का जयघोष किया और राष्ट्रप्रेम की दिव्य ज्योति जलाकर अमरत्व को प्राप्त किया। हम भारतवासी इस देश की स्वतंत्रता के लिए उनके द्वारा दिए योगदान को कभी नहीं भूलेंगे।

बिगुल बजाकर

आजादी का बिगुल बजाकर नवयुवकों का आह्वान किया दूंगा आजादी, मुझे खून दो कुर्बानी का ऐलान किया ।

खाकी वर्दी पहन सुभाष जी जब भी भाषण देते थे नेता जी की वाणी सुन फिर इंकलाब सुर बहते थे।

जयहिंद-जयहिंद बोलकर उनकी सेना की टोली बहती थी रसधार जोश की बस आजादी उसकी बोली।

उनके इस तेवर के आगे सब नतमस्तक हो जाते थे होश उड़े तब फिरंगियों के दांतो तले उंगली दबाते थे।

‘दिल्ली चलो’ का नारा देकर सबको आमंत्रण दे डाला स्वाधीनता है लक्ष्य हमारा हर मन में चित्रण कर डाला ।

स्वाधीनता सेनानियों में उनका भी डंका बजता है आज भी देश का बच्चा-बच्चा उनकी पूजा करता है ।।

Azadi ka bigul bajakarnavayuvakon ka aahvaan kiyadunga aazadi, mujhe khoon dokurbani ka ailaan kiya .

khaki vardi pahan subhaash jijab bhi bhaashaṇ dete theneta ji ki vaaṇi sun phirinklaab sur bahate the.

jayhind-jayhind bolkarunki sena ki ṭolibahti thi rasdhaar josh kibas azadi uski boli.

unke is tevar ke aagesab natmastak ho jaate thehosh ude tab firangiyon kedaanto tale ungli dabaate the.

‘Delhi chalo’ ka nara dekarsabko aamantraṇ de ḍalaswadheenta hai Lakshya hamarahar man me chitraṇ kar ḍala .

swadheenta senaniyon meunka bhi ḍanka bazata haiaaj bhi desh ka bachcha-bachcha

Top Slogan by Subash Chandra Bose

Also Read Best 80+ Alone Shayari in Hindi | अकेला सैड शायरी

“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।”

“मैं जीवन की अनिश्चितता से जरा भी नहीं घबराता।

“दिल्ली की सड़क स्वतंत्रता की सड़क है।”

“सफलता दूर हो सकती है, लेकिन वह मिलती जरूर है।”

“यदि आपको अस्थायी रूप से झुकना पड़े, तब वीरों की भांति झुकना।”

“एक व्यक्ति एक विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार, उसकी मृत्यु के बाद एक हजार जन्मों में अवतरित होगा””

आजादी दी नहीं जाती, ली जाती है”

“कोई संघर्ष नहीं है, तो जीवन अपनी आधी रुचि खो देता है- अगर कोई जोखिम नहीं लेना है”

“इतिहास में कोई वास्तविक परिवर्तन चर्चा से कभी हासिल नहीं हुआ है”

“राजनीतिक सौदेबाजी का रहस्य यह है कि आप वास्तव में जो हैं, उससे अधिक मजबूत दिखना है”

“यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी आजादी की कीमत अपने खून से चुकाएं”

“जो सैनिक हमेशा अपने राष्ट्र के प्रति वफादार रहते हैं, जो हमेशा अपने जीवन का बलिदान देने के लिए तैयार रहते हैं, वे अजेय हैं”

“याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है”

“मेरा अनुभव है कि हमेशा आशा की कोई न कोई किरण आती है, जो हमें जीवन से दूर भटकने नहीं देती”

“जिस व्यक्ति के अंदर ‘सनक’ नहीं होती वो कभी महान नहीं बन सकता. लेकिन उसके अंदर, इसके आलावा भी कुछ और होना चाहिए”

Top 10 Quotes Of Subhash Chandra Bose in English

“Give me blood, and I will give you freedom.”

“Freedom is not given, it is taken.”

“We must fight if we want to live.”

“It is not necessary to wait for the permission of others to secure our rights.”

“One individual may die for an idea, but that idea will, after his death, incarnate itself in a thousand lives.”

“The true source of rights is duty. If we all discharge our duties, rights will not be far to seek.”

“The nation will not be satisfied with mere political independence.”

“Courage, sacrifice, determination, commitment, toughness, heart, talent, guts.That’s what little girls are made of.”

“We must have the courage to dare and endure.”

“Victory or defeat is not important, but the fight itself is everything.”

भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के प्रसिद्ध नारे

“करो या मरो” – महात्मा गांधी

“सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा” – मुहम्मद इक़बाल

“सत्यमेव जयते” – पंडित मदन मोहन मालवीय

“स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूंगा” – बाल गंगाधर तिलक

“सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है” – रामप्रसाद बिस्मिल

“खून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्किल में है” – अशफाकउल्ला खान

“जय हिन्द”-नेताजी सुभाष चन्द्र बोस।

“इंकलाब जिंदाबाद”- भगत सिंह

“जय जवान जय किसान”- लाल बहादुर शास्त्री

“आराम हराम है”- पंडित जवाहरलाल नेहरू

इस कविता को बच्चे विद्यालय के कार्यक्रमों में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, पराक्रम दिवस इत्यादि अवसरों पर भी सुना सकते हैं। सुभाष चंद्र बोस की वीरता की गाथा कहने वाली यह कविता ‘वीर सुभाष की टोली’और ‘बिगुल बजाकर’ आपको कैसी लगी कृपया कमेंट करके अवश्य बताएं..

Share this article