आशा है आप सभी को अनुप्रिया द्वारा लिखी गई कविताएं 2000 के नोट पर कविता | नोट 2000 का | 2000 note ban Poem अवश्य पसंद आएंगी। नवंबर 2016 की नोट बंदी के लगभग साढ़े 6 साल पश्चात अब 2000 के नोट पर आरबीआई एक्शन लेने जा रही है और 30 सितंबर 2023, तक ही 2000 रुपए को वैधता प्रदान की गई है। इसके पश्चात यह चलन से बाहर हो जाएंगे। पिछली वाली नोट बंदी से नोट बदली तक का सफर हमने अपनी कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया है।
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2000 के नोटबंदी पर हिंदी कविता
Curfew लगा है

सब circulation में है ,मुझ पर curfew लगा है
मुझ पर action पर action, सबका rescue लगा हैबड़ा बनकर आया था तुम्हारे देश- दुनिया में
सिर आंखों पर बिठाया था देशवासियों नेबन बैठा सम्राट अचानक नकदी खजाने का
मैं जवान था रंग रूप से, शौकिया भी नए जमाने का500-1000 के मंत्रीगण मेरी शान-ओ-शौकत से जलते थे
पर मुझसे छोटे कद में थे ,कर क्या भी वे सकते थेघर की गृह लक्ष्मियों ने भी पूजा कर मुझको मान दिया
लक्ष्मी गणेश जी की पूजा में शामिल करके सम्मान दियारोली, अक्षत, टीका कर बीड़ा भी अर्पण कर डाला
बड़ी प्रतिष्ठा, आदर के संग लॉकर में फिर रख डालाअपनी गुलाबी रंगत देख मन ही मन में इतरा बैठा
इज्जत-ताकत देख औरों से फिर कतरा बैठाभ्रम में था कि वक्त ये मेरा बस मेरी मुट्ठी में है
इल्म नहीं था हर कागज की मुस्तकबिल भट्टी में हैहालत यह हो गई कि एक दिन बोझ बन गया सबके ऊपर
सब मुझसे ही कतरा बैठे, राजी न होता कोई लाने को घरगले कहीं ना पड़ जाऊं, सो मुझसे आंख चुरा बैठे,
200,500,1000 सारे , हालत पर मेरी मुस्कुरा बैठेमुझ कुरकुरे, कड़क नगीने को पहले observe में रख डाला
पहले preserve अलमारी में था, अब Reserve में रख डालानोट 2000 का मैं अब, सबकी आंख में चुभता हूं।
कुछ दिन और सांस ले लूं, फिर रुखसत हो चलता हूं।सब attraction में हैं, मुझ पर argue लगा है
अरे बाबू सब fashion में हैं, मुझ पर taboo लगा हैसब circulation में है ,मुझ पर curfew लगा है
मुझ पर action पर action, सबका rescue लगा है…’अनु-प्रिया’
Poem on 2000 Rupee note
Curfew Laga Hai
Sab circulation me hai ,mujh par curfew lagaa hai
Mujh par action par action, sabaka rescue laga haiBada bankar aaya thaa tumhaare desh- duniya me
Sir-Aankhon par biṭhaaya tha desh-vaasiyon neBan baiṭha samraaṭ achaanak nakdi khajaane ka
Mai javaan tha rang ruup se, shaukiya bhii naye jamaane ka500-1000 ke mantri-gaṇ meri shaan-o-showkat se jalate the
Par mujhse chhoṭe kad me the ,kar kya bhi Ve sakate theGhar ki gṛah- lakshmiyon ne bhi puja kar mujhko maan diya
Lakshmi-Gaṇesh jii kii puja me shaamil karake sammaan diyaRoli, akshat, ṭeeka kar beeda bhi arpaṇ kar ḍala
Badii pratishṭha, aadar ke sang locker me phir rakh ḍaalaApni gulaabii rangat dekh man hi man me itra baiṭha
Ijjat-taakat dekh auron se phir katara baiṭhaBhram me tha ki waqt ye mera bas meri muṭṭhii me hai
Ilm nahin tha har kaagaj ki mustakabil bhaṭṭii me haiHaalat yah ho gayi ki ek din bojh ban gaya sabake upar
Sab mujhase hi kataraa baiṭhe, razi na hota koi laane ko gharGale kahin na pad jaaun, so mujhase aankh chura baiṭhe,
200,500,1000 saare , haalat par meri muskuraa baiṭheMujh kurkure, kadak nagiine ko pahale observe men rakh ḍaalaa
Pahale preserve almaari me tha, ab Reserve me rakh ḍaalaNoṭe 2000 ka mai ab, sabaki aankh me chubhata hun.
Kuchh din aur saans le lun, phir rukhasat ho chalata hun.Sab attraction me hain, mujh par argue laga hai
Arre babu! Sab fashion me hain, mujh par taboo laga haiSab circulation me hai ,mujh par curfew laga hai
Mujh par action par action, sabaka rescue laga hai
2000 के नोट बदली पर हिंदी कविता
नोटबंदी नहीं नोटबदली है भैया
8 नवंबर, 2016 की रात भला किसे याद नहीं होगी, जब हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में रातों-रात 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर दिए थे तो सरकार के इस फैसले से लोगों की रातों की नींद और दिन का चैन सब उड़ गया था। अगले ही दिन बैंकों और ATM के सामने लोगों की लंबी- लंबी कतारें लग गईं थीं। वहीं हालात अब फिर 2023 में बन रहे हैं जब आरबीआई ने ₹2000 को 30 सितंबर तक जमा कराने को कहा है। इसके पश्चात यह नोट अवैध माने जाएंगे। आम जनता को उसी तरह से बैंकों में फिर लाइनों में खड़ा रहना पड़ेगा। कुछ इसी दुविधा को हमने इस कविता नोटबंदी नहीं नोटबदली है भैया में पिरोया है और बताने की कोशिश की है कि यह हालात उतने मुश्किल नहीं है। आम जनता को सरकार और आरबीआई का सहयोग करना होगा।
नोट पर कविता

नोटबंदी नहीं, नोटबदली है भैया
कांड पिछला नहीं, बात अगली है भैयाआंखों में नया सवाल है
यह क्या नया गोलमाल हैमार्केट में कोई गिरावट या उछाल है
या फिर से हमें फंसाने का कोई मायाजाल हैबैंकों में फिर से लंबी लंबी कतार लगेंगी
2000 के नोटों की भरमार लगेगीबीवियों की अलमारियों से नोट भर भर के निकलेंगे
काला धन रखने वालों के लॉकर फिर से खटकेंगेदो हजार खपाने में फिर से तिकड़में लगेंगी
हेरा फेरी होगी या फिर से रिश्वतें बंटेंगीअफरा-तफरी मच जाएगी क्या फिर से इन हालातों से
कर देगी परेशान मीडिया अपने सवालातों सेआम जनता का खस्ताहाल क्या फिर से होने वाला है
2000 को डाल बैंक में क्या कुछ खोने वाला हैबात हाई-फाई नहीं, धरातली है भैया
डरो नहीं इससे, बात मामूली है भैयानोटबंदी नहीं, नोटबदली है भैया
कांड पिछला नहीं, बात अगली है भैया…’अनु-प्रिया’
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2000 के रुपए पर हिंदी कविता
गायब होने वाली हूं

मैं गुलाबो आजकल सबकी दृष्टि में हूं
गायब होने वाली हूं ,फिलहाल सृष्टि में हूंमुझे बहुत खूबसूरती से रचा गया था
66*166 mm के कागज पर गढ़ा गया थाअग्रभाग पर मेरे गांधीजी का चित्र अंकित किया गया
पृष्ठ भाग मंगलयान के नाम किया गयामेरी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए
वाटर मार्क, सुरक्षा धागा जैसे फीचर्स तमाम लेस किए गएरिजर्व बैंक की घोषणा से फिर मेरा अस्तित्व हुआ
तारीख 8 नवंबर की थी, 2016 को जन्म हुआजो सृष्टि के काम नहीं आता, जल्दी ही निपट जाता है
खेल रचे वह चाहे जितना, एक दिन सिमट जाता हैमैं गुलाबो आजकल सबकी दृष्टि में हूं
गायब होने वाली हूं ,फिलहाल सृष्टि में हूं……..’अनु-प्रिया’
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